एक दिन तो वो आयेगा,
जब तुम्हें यकीन आयेगा।
साथ बिताये वो दिन याद आएंगे,
गुज़रा वो ख़ुशी का पल याद आयेगा।।
जब एहसास होगा तुम्हें,
की तुम मेरे क्या हो।
हर चाहत-हर सपना मेरा हो तुम,
तुम्ही हर दुआ हो।।
ये मेरी जुबां नहीं,
मेरे दिल की दास्तां है।
मंजिल कोई भी हो मेरी,
जहाँ तुम, वही मेरा रास्ता है।।
कभी तो तुम मेरी ये चाहत देखोगे,
कभी तो यकीन करोगे मेरे प्यार पर।
मुझे याद करोगे शायद,
गौर करोगे मेरे इकरार पर।।
कभी तो हम दोस्त बनेंगे दोबारा,
कभी तो हम में सुलह होगी।
कभी तो ये रात ढलेगी,
इंतज़ार करुँगी मैं, कब वो सुबह होगी।।
जब तुम्हें यकीन आयेगा।
साथ बिताये वो दिन याद आएंगे,
गुज़रा वो ख़ुशी का पल याद आयेगा।।
जब एहसास होगा तुम्हें,
की तुम मेरे क्या हो।
हर चाहत-हर सपना मेरा हो तुम,
तुम्ही हर दुआ हो।।
ये मेरी जुबां नहीं,
मेरे दिल की दास्तां है।
मंजिल कोई भी हो मेरी,
जहाँ तुम, वही मेरा रास्ता है।।
कभी तो तुम मेरी ये चाहत देखोगे,
कभी तो यकीन करोगे मेरे प्यार पर।
मुझे याद करोगे शायद,
गौर करोगे मेरे इकरार पर।।
कभी तो हम दोस्त बनेंगे दोबारा,
कभी तो हम में सुलह होगी।
कभी तो ये रात ढलेगी,
इंतज़ार करुँगी मैं, कब वो सुबह होगी।।
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